1 jantar mantar history
मित्रो नमस्ते.आइये आज हम दिल्ली की जंतर-मंतर के बारे में विस्तार से जानेंगे-समझेंगे।।जंतर मंतर कहाँ है,उनकी क्या विशेषता है,कब बनी,क्यो बनी,कैसे जंतर मंतर जाएँ, सब विस्तार से समझें हमारे इस blog में।।
2 jantar mantar detail
जंतर मंतर की निर्माण 1724 ईसवी में हुआ,ओर इसके निर्माण जयपुर के महाराज जय सिंह ने करवाया था।।जंतर मंतर का निर्माण करने का मूल मक़सद Astronomical tabled को संचित करना था,जो Celestial bodies के समय सूर्य चंद्रमा तथा अन्य ग्रहों की गतिविधियों का अनुमान लगाना था।।
दिल्ली के जंतर मंतर में वेधशाला हैं, जिसमें 4 यंत्र रखे हुए है,उसमे 1 मिस्र यंत्र,2 राम यंत्र,3 जयप्रकाश यंत्र तथा सम्राट यंत्र है।।यह सब समान घँटे की सूडियल है,जो कि विशाल त्रिकोण है और समय मापन का स्रोत है।।
महाराज जयसिंह ने दिल्ली के जंतर मंतर के अलावा 4 जंतर मंतर ओर भी बनवाया जो कि जयपुर, मथुरा,उज्जैन,वराणसी में स्थित है।।भारत मे सबसे बड़ा जंतर मंतर जयपुर में है।।जन्तर मंतर की वेधशाला में विभिन्न प्रकार के ज्योतिष उपकरण मौजूद है,जो समय ग्रहो की मापन का कार्य करते है।।
दिल्ली की जंतर मंतर पटेल चौक मेट्रो,बस स्टैंड के नजदीक है।।ये सुबह सूर्य उदय से शाम सुर्यास्त तक सभी दिन खुले रहते है।।इसके अंदर मोबाइल ही ले जा सकते है,कैमरा ले जाना मनाही है।।टिकट देशी सैलानियों के लिये अलग और विदेशी सैलानियों के लिये अलग है।।फ़ोटो सूट की अलग चार्ज है।।
जंतर मंतर जाने की मैप..https://maps.app.goo.gl/UBPYnAeux6FH38r4A
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